क्या आईवीएफ़ मे दर्द होता है ?
क्या आईवीएफ़ प्रक्रिया मे दर्द होता है ?
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आईवीएफ़ एक चिकित्सा पद्धति है जिसका उपयोग कर के निःसंतान दम्पत्ति , माँ बाप बनने का सुख प्राप्त कर सकते है । पर एक जिज्ञासा होती है की क्या ये प्रक्रिया मे दर्द होता है क्या ?
आये आज इसी दुविधा के बारे मे बात करते है।
आज बात करते है की आईवीएफ़ मे क्या क्या होता है, और क्या क्या दवा दिया जाता है।
पहले बार आईवीएफ़ कंसल्टेंट से मिलने के बाद, आपकी कुछ खून की जाँच (ब्लड टेस्ट) कराई जाती है, जिसमें एक पतली-सी सुई से रक्त का नमूना लिया जाता है, और आपका अल्ट्रासाउंड भी कराया जाता है। दोनों ही जाँचों में न के बराबर दर्द होता है। पुरुष के शुक्राणुओं की जाँच भी कराई जाती है, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है।"

आईवीएफ़ शुरू करने पर , महिला का ओवेरियन स्टिमुलेशन शुरू होता है। इसमें रोज़ एक ही समय पर चमरे के नीचे एक इंजेक्शन (या सुई) लगाया जाता है। इसमें बहुत मामूली-सा चुभन होता है। दस से बारह दिन के बाद एक अलग इंजेक्शन/सुई दी जाती है, जिसे ट्रिगर कहते हैं, यह भी चमरे के नीचे ही लगाया जाता है। दोनों ही इंजेक्शन पानी जैसा तरल होते हैं, इसलिए दर्द न के बराबर होता है।"

फिर बारी आती है अंडे निकालने की, इसे (Ovum Pick-Up) कहते है ।
"इस प्रक्रिया में कोई चीर-फाड़ नहीं होता है। एक सुई द्वारा, अल्ट्रासाउंड की मदद से अंडों को निकाला जाता है। यह प्रक्रिया मरीज को कुछ देर के लिए बेहोश करके की जाती है, इसलिए कोई दर्द महसूस नहीं होता है। महिला 4-5 घंटों में घर जाने के लायक हो जाती है। कुछ महिलाओं को पेट में दर्द हो सकता है, जिसके लिए दर्द की दवा दी जाती है, और कुछ दिनों के लिए भारी काम न करने की सलाह दी जाती है।"
ओवम (Ovum Pick-Up) पर और जानकारी के किया क्लिक करे :-
एम्ब्रीओ ट्रैन्स्फर मे क्या किया जाता है ।
इसके बाद सही दिन आने पर , इन्क्यबेटर मे बनाए गए भ्रूण को महिला के पेट मे डाल दिया जाता है , इसे एम्ब्रीओ ट्रैन्स्फर कहते है । यह प्रक्रिया मे बिना बेहोशी के एक पतली से नली द्वारा भ्रूण को अल्ट्रसाउन्ड के मदत से बच्चेदानी मे डाल दिया जुआता है, महिला कुछ ही देर मे घर जा सकती है । इस प्रक्रिया मे कोई भी दर्द नहीं होता है, कुछ महिला मे जिनमे बच्चेदानी का रास्ता संकीर्ण होता है , उनकी बेहोश कर के यह प्रक्रिया की जाती है ।
इसके बाद महिला अपना समय काम काज करती है, कोसिस करने चाहिए की कोई भारी काम ना करे और भगवान ने चाहा तो 14 दिन के बाद आपको माँ बनने की खुश खबरी मिल सकती है।
गर्भ ठहरने के बाद , प्रेग्नन्सी बनाए रखने के लिये घर पर अपने से कुछ सुई चमरे मे लेना पर सकता है।
पर कोई भी विधि मे बहुत दर्द नहीं होता है, इस लिये डरे नहीं , आगे आये और माँ बाप बनने की खुशी प्राप्त करे ।
