अगर पति विदेश में काम करते हैं और केवल सीमित समय के लिए घर आते हैं, तो भी IVF के जरिए गर्भधारण करना संभव है। नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैंI

1. प्रारंभिक परामर्श (Initial Consultation)

  • सबसे पहले, पति-पत्नी दोनों को IVF विशेषज्ञ से मिलकर परामर्श लेना चाहिए।
  • डॉक्टर दोनों की मेडिकल हिस्ट्री और ज़रूरी टेस्ट करेंगे।

2. स्पर्म सैंपल फ्रीजिंग (Sperm Freezing)

  • पति जब भारत में हों, उस दौरान उनका स्पर्म सैंपल लिया जाता है।
  • इस सैंपल को फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाता है ताकि जब पत्नी IVF प्रक्रिया के लिए तैयार       हों, उस समय इसे इस्तेमाल किया जा सके।

    3. पत्नी की तैयारी (Preparation of Wife)

  • डॉक्टर पत्नी के शरीर को IVF प्रक्रिया के लिए तैयार करने के लिए हार्मोनल मेडिसिन और          फॉलिकल मॉनिटरिंग करेंगे।
  • अंडों के विकास के बाद, उन्हें निकाला जाएगा।

4. फर्टिलाइजेशन और एंब्रियो ट्रांसफर (Fertilization and Embryo Transfer)

  • फ्रीज किए गए स्पर्म का इस्तेमाल अंडों को फर्टिलाइज करने के लिए किया जाता है।
  • फर्टिलाइज्ड एंब्रियो को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

5. गर्भावस्था की पुष्टि (Confirmation of Pregnancy)

एंब्रियो ट्रांसफर के 14 दिनों बाद, ब्लड टेस्ट (Beta hCG) से गर्भावस्था की पुष्टि की जाती          है।
क्या ध्यान रखें?

  • स्पर्म फ्रीजिंग एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है।
  • IVF प्रक्रिया को पति की उपस्थिति के बिना भी पूरा किया जा सकता है।
  • नियमित डॉक्टर की सलाह और मॉनिटरिंग आवश्यक है।

इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए, आप Shradha IVF क्लिनिक में संपर्क करें।